प्रदेश में राजनीतिक दल सार्वजनिक हित जैसे सड़क बनवाने, पुल बनवाने, कारखाने लगाने, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी, आतंकवाद, नक्सलवाद, जातिवाद, रोजगार सृजन आदि आम जनता के ज्वलंत समस्याओं के समाधान करने के बजाय उन्हें व्यक्तिगत लाभ देने के वायदे जैसे कि कर्ज माफी, मुफ्त बिजली, मुफ्त सिलाई मशीन, मुफ्त रंगीन टेलीविजन, मुफ्त लैपटॉप, मुफ्त टेबलेट, मुफ्त स्मार्ट फ़ोन, मुफ्त रेडियो, मुफ्त साइकिल बांटने जैसी योजनाओं के बदौलत वोट बटोरने में लगी हुई है।
राजनितिक दल योजनाओं के नतीजे भले ही कितने भी क्रांतिकारी बताये जा रहे हों, लेकिन मूल रूप में ये सब "वोट के बदले नोट" देने जैसा ही है।
मध्यप्रदेश के सभी सम्मानीय मतदाताओं से अनुरोध है कि क्यिप्य २५ दिसंबर को व्यक्तिगत लाभ के बजाय समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में मतदान करें।
राजनितिक दल योजनाओं के नतीजे भले ही कितने भी क्रांतिकारी बताये जा रहे हों, लेकिन मूल रूप में ये सब "वोट के बदले नोट" देने जैसा ही है।
मध्यप्रदेश के सभी सम्मानीय मतदाताओं से अनुरोध है कि क्यिप्य २५ दिसंबर को व्यक्तिगत लाभ के बजाय समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में मतदान करें।
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