उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिला में जिस प्रकार से सिर्फ सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने मात्र की आशंका से एक शांत और अपने काम में लगी रहने वाली महिला IAS अधिकारी दुर्गा शक्ति को जहाँ मात्र 41 मिनट में सस्पेंशन लेटर थमा दिया जाता है वही पिछले साल मथुरा के कोसीकलां में हिंसा हुई, उसमें किसी को निलंबित नहीं किया गया। प्रतापगढ़ में एक समुदाय के मकान जला दिए गए, लेकिन डीएम के खिलाफ कोई कार्रवाई तक नहीं हुई।
इसी तरह बरेली में दो-दो दंगे हुए, लखनऊ, इलाहाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर भी साम्प्रदायिक दंगों का शिकार हुआ लेकिन यहां किसी आईएएस अफसर पर कोई भी कार्यवायी नहीं की गई।
फैजाबाद दंगों में भी किसी आईएएस के खिलाफ कोई कार्यवायी नहीं की गई। यही नहीं पशु तस्करी मामले में पिछले साल जब् गोंडा के एसपी ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर लिया और उसमें एक राज्यामंत्री का नाम सामने आया तो यूपी सरकार ने बजाए उस राज्य मंत्री पर कार्यवायी करने के उलटे एसपी को ही पद से हटा दिया।
उत्तरप्रदेश के 403 सदस्यों वाले सदन में 47 फीसदी विधायक 189 विधायक दागी हैं। जबकि 2007 में 140 दागी विधायक सदन में थे। इस दफा चुने गए विधायकों में से 98 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। सपा के 224 विधायकों में से 111 दागी हैं।
जून 2012 में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया था कि 1 मार्च से 15 अप्रैल के बीच प्रदेश में 669 हत्याएं, 35 डकैतियां, 263 बलात्कार 429 लूट और वाहन चोरी के 3256 मुक़दमें प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज किये गये थे।
क्या यही है लोकतंत्र?
इसी तरह बरेली में दो-दो दंगे हुए, लखनऊ, इलाहाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर भी साम्प्रदायिक दंगों का शिकार हुआ लेकिन यहां किसी आईएएस अफसर पर कोई भी कार्यवायी नहीं की गई।
फैजाबाद दंगों में भी किसी आईएएस के खिलाफ कोई कार्यवायी नहीं की गई। यही नहीं पशु तस्करी मामले में पिछले साल जब् गोंडा के एसपी ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर लिया और उसमें एक राज्यामंत्री का नाम सामने आया तो यूपी सरकार ने बजाए उस राज्य मंत्री पर कार्यवायी करने के उलटे एसपी को ही पद से हटा दिया।
उत्तरप्रदेश के 403 सदस्यों वाले सदन में 47 फीसदी विधायक 189 विधायक दागी हैं। जबकि 2007 में 140 दागी विधायक सदन में थे। इस दफा चुने गए विधायकों में से 98 के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं। सपा के 224 विधायकों में से 111 दागी हैं।
जून 2012 में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया था कि 1 मार्च से 15 अप्रैल के बीच प्रदेश में 669 हत्याएं, 35 डकैतियां, 263 बलात्कार 429 लूट और वाहन चोरी के 3256 मुक़दमें प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज किये गये थे।
क्या यही है लोकतंत्र?

बहुत शानदार
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