वो तेरा चाँद सा चेहरा,और
ऑंखें झील-सी गहरी.
वो तेरा लब कमल जैसी,
तेरी मुस्कान फूलों-सी.
चहकना चिड़ियों के जैसे,
वो हिरनी की तरह चलना.
वो कोयल सी तेरी बोली,
चुरा लेती है नींदों को,
जब याद तेरी आती है....
दिल की कलम से.
ऑंखें झील-सी गहरी.
वो तेरा लब कमल जैसी,
तेरी मुस्कान फूलों-सी.
चहकना चिड़ियों के जैसे,
वो हिरनी की तरह चलना.
वो कोयल सी तेरी बोली,
चुरा लेती है नींदों को,
जब याद तेरी आती है....
दिल की कलम से.
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